Elections

MP ELECTIONS 2018: Because of Central Policies, Jabalpur supporters of Shivraj became opponent.

source: the week
Written by FGV Team

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। इस बीच जानिए जबलपुर की जनता का क्या कहना हे | आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जानिए की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है।
सूत्रों के अनुसार  जबलपुर में लोगों में असंतोष की भावना है। केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से इस बार यहां बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।  स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रत्याशी चुनकर चला जाता है, जनता परेशान रहती है। एक व्यक्ति ने कहा, “सबके मन में एक असंतोष है, शहर में इतने बड़े बड़े पदों पर लोग बैठे है, शहर में महामारी फैली, लेकिन कोई जागरूकता नहीं दिखी, कोई एक्टिव नहीं दिखा।”

एक अन्य शख्स ने कहा कि जब चुनाव आता है नेता जाग जाते हैं। आजादी के बाद से आज तक सड़क, बिजली, पानी, पर ही चुनाव लड़ते आए हैं।  लेकिन जबलपुर की समस्या की बात करें तो जो समस्या राष्ट्रीय स्तर पर है वहीं राज्य स्तर पर है। जो वादे किए गए पूरे नहीं किए गए।

source: town of paonia

उन्होंने कहा कि जबलपुर में सड़कों की हालत बहुत खराब है। स्वास्थ्य मंत्री जबलपुर से हैं। यहां महामारी फैली, जरा सी सक्रियता दिखाते, तो महामारी रूक जाती। लेकिन लापरवाही की गई। पानी की समस्या बहुत हद तक ठीक हुई है, लेकिन संतोषजनक नहीं है।

शिक्षा के क्षेत्र में बहुत काम किए जाने की जरूरत है। एजुकेशन बोर्ड के जो वादे किए थे, वो अपने लक्ष्य से बहुत पीछे हैं।
लोगों ने कहा कि इस बार के चुनाव में दो तरह की हताशा है। शिवराज सरकार जैसा काम कर रही थी वो तो चल रही थी। शिवराज सिंह की एक धारा चल रही थी। लेकिन मोदी जी की नीतियों से बहुत से लोग डिसटर्ब हुए हैं। बहुत से लोग भाजपा के विरोध में आ गए हैं। समीकरण बदले नजर आएंगे। कुछ बदलाव आएगा। कम से कम विपक्ष तो मजबूत बनेगा। source: Amar Ujala

Leave a Comment

Show Buttons
Hide Buttons