Political

मिशन 2019: महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना में दरार तो कहीं कांग्रेस और NCP में करार।

Written by FGV Team

हर कोई अपनी जीत की कोशिशे कर रहा है कोई गठबंधन में आरहा है तो कोई तोर्ड रहा है क्योकि लोकसभा चुनाव नज़दीक हैं उसमे अब चंद महीने ही शेष रह गए हैं और इससे पहले सभी राजनीतिक दल अपनी संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं और एक-दूसरे के साथ गठबंधन कर चुनावी वैतरणी पार करने की कोशिश में हैं।

आजतक के लेख  अनुसार , महाराष्ट्र में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और शिवसेना के बीच गठबंधन के भविष्य पर संकट बना हुआ है तो दूसरी ओर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के बीच महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों का बंटवारा हो गया है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कांग्रेस के साथ लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में गठबंधन का ऐलान किया. प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस ने महाराष्ट्र में एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया है और हम 40 संसदीय सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे. जबकि राज्य के शेष 8 सीटों पर फैसला लिया जाना है.

source: totaltv.in

8 सीटों पर नहीं बनी सहमति

महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीट हैं और दोनों दलों के बीच 40 सीटों पर साथ लड़ने के फैसले के बाद अब एनसीपी और कांग्रेस 20-20 सीटों पर साथ चुनाव लड़ेंगे. जबकि 8 पर फैसला होना अभी बाकी है. कांग्रेस और एनसीपी ने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को बैठक बुलाई थी. एनसीपी प्रमुख शरद पवार भी उस बैठक में शामिल हुए.

कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मात देने की कोशिश में एक साथ लड़ने का फैसला लिया है, लेकिन दोनों पार्टियों के बीच 8 सीट का पेच अभी तक फंसा हुआ है जिस पर कोई सहमति नहीं बन सकी है. जिन 8 सीटों पर सहमति नहीं बनी उनमें पुणे और अहमदनगर संसदीय सीट भी शामिल है.

पिछले दिनों एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा था कि महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों में से 8 को लेकर कांग्रेस के साथ बातचीत पूरी नहीं हो सकी है, जबकि बाकी 40 सीटों पर आपसी सहमति बन चुकी है.

source: Scarbrought international

2014 में था 26-21 का फॉर्मूला

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन ने 48 में से 40 पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी को 22, जबकि शिवसेना को 18 सीटें मिली थी. कांग्रेस को तब सिर्फ दो सीटों और एनसीपी को पांच सीटों पर जीत मिली थी. 5 साल पहले हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 26 और एनसीपी ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

 

1 Comment

Leave a Comment

Show Buttons
Hide Buttons